छह दशकों के इंतजार के बाद गाजीपुर और सोनवल के बीच नये पुल पर चली ट्रेन

गाजीपुर, 12 मार्च ( छह दशकों के लंबे इंतजार के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले में गाजीपुर सिटी और सोनवल (ताड़ीघाट) स्टेशन के बीच साढ़े नौ किमी लंबे रेलमार्ग पर गंगा नदी पर बने नये पुल पर ट्रेन का सफल ट्रायल किया गया।

छह दशकों के इंतजार के बाद गाजीपुर और सोनवल के बीच नये पुल पर चली ट्रेन

गाजीपुर, 12 मार्च छह दशकों के लंबे इंतजार के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले


में गाजीपुर सिटी और सोनवल (ताड़ीघाट) स्टेशन के बीच साढ़े नौ किमी लंबे रेलमार्ग पर गंगा नदी
पर बने नये पुल पर ट्रेन का सफल ट्रायल किया गया।


रेलवे सूत्रों के मुताबिक आजाद भारत के इतिहास में संभवत: गंगा नदी पर यह पहला रेल पुल है,
जिसका नया निर्माण हुआ है। 1962 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निर्देश पर पूर्वांचल


के विकास के लिए गठित पटेल आयोग कमीशन द्वारा इस रेल मार्ग के निर्माण की रिपोर्ट प्रस्तुत


की गई थी। जिस मूर्त रूप लेने में आज 62 वर्ष का समय लगा। हालांकि अब ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन
का नाम बदलकर सोनवल रेलवे स्टेशन कर दिया गया है।


इस रेल पुल परियोजना के लिए 14 नवंबर 2016 को तत्कालीन रेल राज्यमंत्री एवं गाजीपुर के
सांसद मनोज सिन्हा के आग्रह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजीपुर में शिलान्यास किया था। 1766


करोड़ रूपये की लागत से लगभग छह वर्ष बाद परियोजना पूर्ण हुई है। जिस पर शनिवार की शाम
डीजल इंजन से ट्रेन ट्रायल का सफल परीक्षण किया गया।


1962 में गाजीपुर से तत्कालीन सांसद स्वर्गीय विश्वनाथ सिंह गहमरी पूर्वांचल में गरीबी और
पिछड़ेपन का बयान करते हुए संसद भवन में रो पड़े थे। वह अपने साथ कपड़े की पोटली में गोबर में


सना अनाज लेकर संसद भवन पहुंचे थे। जहां उन्होंने गरीबों का प्रस्तुतीकरण करते हुए बताया कि


पूर्वांचल में पशुओं के गोबर में निकलने वाले खड़े अनाज को धोकर आदमी खाता है। उनके इस
प्रस्तुतीकरण से समूचा सदन अवाक रह गया था और वह फफक कर रो पड़े थे।


तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू के निर्देश पर पटेल आयोग कमीशन का गठन
हुआ था।जिससे पूर्वांचल को पिछड़ेपन व गरीबी से उबारने के लिए रिपोर्ट मांगी गई थी। पटेल आयोग


की रिपोर्ट में गाजीपुर ताड़ीघाट नया रेल मार्ग भी था। 1965 में पटेल आयोग द्वारा पूर्वांचल में

विकास के बाबत तमाम रिपोर्ट व खाका प्रस्तुत किए गए। जिसके तहत गाजीपुर में नंदगंज चीनी
मिल, बहादुरगंज कताई मिल, देवकली पंप कैनाल नहर परियोजना इत्यादि जैसे काम हुए। वहीं


ताड़ीघाट रेल लाइन को गंगा नदी पर नया पुल बनाकर गाजीपुर सिटी तक जोड़ने की परियोजना पर
कोई काम नहीं हो सका था।


आयोग के गठन के लगभग 60 वर्ष बाद रेल राज्य मंत्री गाजीपुर से तत्कालीन सांसद मनोज सिन्हा
द्वारा 14 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों गाजीपुर में नई रेल लाइन परियोजना का


शिलान्यास करवाया गया। इसके साथ ही उक्त रेल लाइन को ताड़ीघाट गाज़ीपुर होते हुए मऊ जं.
तक जोड़ने की आधारशिला रखी गई।

आरबीएनएल व रेल विभाग द्वारा उक्त कामों को दो फेज में
बांट दिया गया।

पहले पेज के तहत ताड़ीघाट से गाजीपुर 9.5 किलोमीटर रेल लाइन बिछाते हुए गंगा
नदी पर नया पुल की परियोजना रखी गई।


शनिवार की शाम गाजीपुर सिटी से शाम 6:35 पर शुरू हुआ यह ट्रायल ट्रेन लगभग एक घंटे का था
रेल विभाग अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मार्च माह में ही इलेक्ट्रिक इंजन लगाकर भी परीक्षण


किया जाएगा। फिलहाल दूसरे चरण का काम गाजीपुर सिटी से मऊ जंक्शन तक कार्य अभी शुरू नहीं


हो सका है। इस अवसर पर आरवीएनएल के सीपीएम विकास चंद्रा, पीडी जीवेश ठाकुर, जीपीटी इंफ्रा
प्रोजेक्ट के वाइस प्रेसिडेंट अश्वनी कुमार सहित रेल विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।