जल्द ही 'वर्चुअल रिएलिटी' के जरिए अयोध्या समेत आस-पास क्षेत्र के तीर्थस्थलों का दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु

उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार अब रामनगरी अयोध्या को जल्द ही 3 डी बेस्ड वर्चुअल रिएलिटी से जोड़ने जा रही है।

जल्द ही 'वर्चुअल रिएलिटी' के जरिए अयोध्या समेत आस-पास क्षेत्र के तीर्थस्थलों का दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु

जल्द ही 'वर्चुअल रिएलिटी' के जरिए अयोध्या समेत आस-पास क्षेत्र के तीर्थस्थलों का दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार अब रामनगरी अयोध्या को जल्द ही 3 डी बेस्ड वर्चुअल रिएलिटी से जोड़ने जा रही है। दरअसल, अयोध्या आने वाले पर्यटकों को अयोध्या समेत आस-पास के सभी प्रमुख तीर्थक्षेत्रों को वर्चुअल रिएलिटी के माध्यम से दर्शन कराने की योजना को योगी सरकार ने क्रियान्वित कर दिया है। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप इस परियोजना को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने फिजिकल एक्सपीरिएंस सेंटर की स्थापना, विकास व संचालन के लिए एजेंसी निर्धारण प्रक्रिया शुरू कर दी है।

एडीए द्वारा रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) के माध्यम से आवेदन मांगे गए हैं। इसके जरिए चयनित होने वाली एजेंसी को कार्यावंटन के बाद 3 महीने के भीतर अयोध्या व आस-पास क्षेत्र के सभी बड़े तीर्थस्थलों की मैपिंग, मॉड्यूल डेवलपमेंट, यूजर एक्सेप्टेंस टेस्ट समेत विभिन्न प्रक्रियाओं को गोइंग लाइव प्रॉसेस के पहले पूरा करना होगा। 

बेहद खास होगा 3डी बेस्ड वर्चुअल टूर


सीएम योगी का विजन के अनुसार अब अयोध्या समेत आस-पास के सभी प्रमुख क्षेत्रों के वर्चुअल रिएलिटी से दर्शन कराने की प्रक्रिया पर भी जोर दिया जा रहा है। मौजूदा प्रक्रिया में जिन तीर्थस्थलों को वर्चुअल रिएलिटी के जरिए जोड़े जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है इसमें श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, हनुमान गढ़ी मंदिर, नागेश्वर नाथ मंदिर, राम की पैड़ी, छोटी देवकाली मंदिर, बड़ी देवकाली मंदिर, कनक भवन मंदिर व दशरथ महल मंदिर मुख्य हैं। इसके अतिरिक्त, रंग महल मंदिर, सूर्य कुंड, भरत कुंड, गुप्तार घाट, राम हेरिटेज वॉक (साकेत पेट्रोल पंप से लता मंगेशकर चौक तक), राम गुलेला मंदिर, श्रृंगी ऋषि का आश्रम, मखोड़ा धाम, सिया राम किला, जैन मंदिर, छपिया नारायण मंदिर तथा अमावा मंदिर को भी वर्चुअल रिएलिटी प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। उल्लेखनीय है

कि योगी सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के सभी तीर्थस्थलों की पौराणिक मान्यता को संरक्षित करने के लिए विशेष तौर पर आधुनिक प्रक्रियाओं का प्रयोग किया जाए। इसी क्रम में, अयोध्या को वर्ष 2047 तक दुनिया के बड़े ग्लोबल डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित करने की प्रक्रिया में योगी सरकार तमाम आधुनिक तकनीकों और आधुनिकता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को क्रियान्वित कर रही है। 

दीपोत्सव समेत विभिन्न पर्वों की होगी अनुभूति, रामायण कालखंड होगा साकार


वर्चुअल रिएलिटी की जिस प्रक्रिया को पूरा करने पर अयोध्या विकास प्राधिकरण का जोर है उसमें अयोध्या व आस-पास क्षेत्र से जुड़े तीर्थस्थलों के साथ ही और भी कई प्रकार के आकर्षण होंगे। अयोध्या के म्यूजियम का टूर भी वर्चुअल रिएलिटी के माध्यम से लोग कर सकेंगे। साथ ही, अयोध्या में होने वाले भव्य दीपोत्सव तथा विभिन्न पर्वों की भव्यता, उल्लास व उमंग को श्रद्धालु महसूस कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, वर्चुअल रिएलिटी के माध्यम से भी श्रद्धालु रामायण काल के विभिन्न प्रक्ररणों का मंचन अपने वर्चुअल रिएलिटी हेडगियर्स में आंखों से सामने देखेंगे जो उन्हें त्रेताकाल की घटनाओं को साक्षात देखने जैसा अनुभव प्रदान करेगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अयोध्या में ही फिजिकल एक्सपीरिएंस सेंटर की स्थापना की जाएगी जहां आकर श्रद्धालु फीस चुकाकर अयोध्या को वर्चुअल माध्यम के जरिए अपनी आंखों के सामने साकार होता देख सकेंगे।

10 वर्षों की कार्यावधि के लिए होगा एजेंसी का चयन


अयोध्या के तीर्थों, उसके पुरातन वैभव व इतिहास को वर्चुअल रिएलिटी से जोड़ने के लिए एडीए द्वारा एजेंसी निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस प्रक्रिया के जरिए चयनित होने वाली एजेंसी को कार्यावंटन के बाद 3 महीने के भीतर गोइंग लाइव प्रक्रिया को पूरा करना होगा। गोइंग लाइव प्रक्रिया के पहले उसे फिजिकल एक्सपीरिएंस सेंटर के विकास और स्थापना के कार्य के साथ ही सभी चिह्नित स्थलों की हाई रेजोल्यूशन फोटोग्राफी व फिल्मोग्राफी, 3 डी मॉडलिंग समेत विभिन्न प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा। गोइंग लाइव प्रक्रिया पूरी होने पर यूजर एक्सेप्टेंस टेस्ट समेत कई प्रकार की टेस्टिंग के दौर से ये सारी प्रक्रिया गुजरेगी जिसकी पूर्ति के बाद 3डी वर्चुअल टूर को श्रद्धालुओं के लिए लॉन्च कर दिया जाएगा। गो लाइव प्रक्रिया की पूर्ति के बाद चयनित एजेंसी को ही 10 वर्षों की संचालन अवधि के लिए नियुक्त किया जाएगा

जो कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के अपडेशन और फिजिकल एक्सपीरिएंस सेंटर की स्थापना, विकास व संचालन के उत्तरदायी होंगे।